आईने के उस पार

जिन्दगी जिन्दादिली का नाम है, वर्ना यह एक बोझ के समान है। इसे बोझ मत बनने दीजिये। हँसकर, मुस्कुराकर और मजे में जीवन को बिताने का प्रयास करना चाहिए। लाख बाधाएंआये, आते रहें, धबड़ाने से तो दूर होगा नहीं।हँसकर और डटकर मार्ग में आने वाले रूकावटें को हटायें।अपना एक लक्ष्य तय कर लें और पूरी क्षमता से इसे प्राप्त करने की कोशिश करे।

कभी इस पार कभी उस पार

यह मन जो है न एक जगह रूकने नाम ही नहीं लेता।चंचलता ही इसकी बिषेशता है।पर करें क्या? बिना मनाये काम भी तो नहीं होता ।एक क्षण मन कहता है यह करो, फिर दूसरे ही क्षण कहता है कुछ और करो। भला ऐसे में कोई होता है क्या?

देखो प्यारे! यह दुनियाँ है।यहाँ सभी कुछ बक्त के साथ ही बदलती है। तुम्हें भी बक्त के बदलना पड़ेगा।जानते हो क्यों? क्योंकि यहाँ शक्तिशाली की ही इज्ज्त से नाम लिया जाता है। यदि तुम चाहते हो तुम्हारा इज्जत हो तो पहले शक्ति अर्जन और फिर उसका प्रदर्शन करो।

अपने काम के समर्पण ही आप में शक्ति का संचार करेगा। मन समझाईये कि यदि आप अपने कर्तव्य पर ध्यान देगे तो अधिकार स्वयं ही आप के पास दौड़ा चला आयेगा।

ऐ भाई मन! अब तो मान जाओ। तुम्हें हर हाल में अपने निर्णय पर अटल रहना होगा और चाहे जो हो जाये तुम्हें स्वाभिमान की रक्षा के लिये कदम उठाना ही होगा।

अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित होकर ही आप सफलता को प्राप्त कर सकते हैं।

कभी डरो नहीं क्योंकि सफलता के मार्ग में यही सबसे बड़ी बाधा है।धर्य पूर्वक किया गया प्रयास ही हमें लक्ष्य की ओर ले जाता है।

चाहत से ही राहत मिलती है।

किसी खास बिषय पर सोचते-सोचते मन बेचैन होने लगा। बैचेनी का कारण पता नहीं चल पा रहा था।

एकाएक विचारों का तरंग मन में बिजली की तरह कौंधा। ये सारी कायनात तो तुम्हारे लिए तैयार है, लेकिन यह तुम्हारी अपनी सोच से ऊपजे चुनाव ही तो है जो तुम्हें बार-बार कष्ट देता है।

अपनी सोच को आगे बढ़ाते हुए महसूश हुआ कि आदमी खामख्वाह का परेशान होता है। परेशान होना किसी समस्या का समाधान नहीं हो सकता, बल्कि शांति के साथ सोचकर निर्णय लेने से और उस निर्णय पर कायम रहने से ही समस्या का समाधान हो सकता है।

तो आईये हम अपनी सारी शक्तियों को एकत्रित कर समस्या के समाधान में लगाने के लिए स्वयं को लेकर एक योजना तैयार करें। अपना तन मन और धन को इस योजना को कार्यान्वित की दिशा में मोड़ने का हर सम्भव प्रयास करें।

हमें कभी भी निराश नहीं होना चाहिये। हमें लक्ष्य को लेकर कभी दुविधा में नहीं रहना चाहिए। लक्ष्य हमेशा स्पष्ट होना चाहिए और प्यास निरंतर जारी रहना चाहिए।

लक्ष्य

जीवन की शैली कुछ नये अंदाज में चाहिए। दुनियाँ के सारे जीव जन्तु अपना जीवन जीता है। हमें जीवन का लक्ष्य अवश्य निर्धारित करना चाहिए। बिना लक्ष्य का तो जीवन बस यों ही गुजर जायेगा।

कभी भी परेशानी को देखकर घबड़ाना नहीं चाहिए, क्योंकि डटकर मुकाबला करने से ही लक्ष्य की प्राप्ति होती है।

लक्ष्य निर्धारण के पश्चात हमें अच्छी तरह सोच समझ कर प्लानिंग करनी चाहिए।

कभी लक्ष्य को आँखों से ओझल मत होने दें।

समय का अंतराल ही तो जीवन है। लक्ष्य प्राप्त करने के लिए एक-एक क्षण का उपयोग कीजिये।

अपने आप को अपने जीवन के लिए तैयार हो कर अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित कर दें।

Don’t give up

Sometimes I compel myself to think about my destination. Whatever I did in my life, all deeds were for others. We should consider about my livelihood and wealth. In this society your success is determined by your financial success. If your financial condition is sound, you are considered successful personality otherwise you are nothing but a looser

Now let me consider in another way. Being a patient, a father of uneducated child and a bad fellow but a wealthy men can not be proved it a success. In my opinion success must be balancd. Only monetary success is not real success. That’s why l prefer education to money.But when I think deeply I accept my mistakek.

Freedom without money is nothing,but a dilemma in itself. During the long run in my life I saw a different colour of life. Blood relationship went against me. I can’t think in my dream that my elder brother and my mother will act gainst me. This is nothing but it’s my weakness; monetary and health problems.

But there is nothing to worry because life is keep going it’s own way. I always try my best to overcome my obstacles.I never gave up my motive.When my doctor declared for spondilolisthesis and suggested me for operation,I did’nt disturb and took a firm decision. My children helped me much. I thanked them a lot.

I have to undergo two surgery within one year. I have to take bad rest for years, but I never perplexed.

This time I have to fight against with my family for my birth right. I want to aquare my land which my elder brother transferred it to his wife illegaly.

Taking lesson from past I am keep performing my duty and will never give up my path. Giving up means to be defeated and I will never throwinthesponge.


आज ही करो

कभी भी अपने आपको कमजोर होने नहीं होने दें। लक्ष्य के प्रति समर्पित होकर अपना कदम को आगे बढ़ायें। आत्मविश्वास को हरहाल में बनाये रखें। एकबार संकल्प लेकर विकल्प के बारे में बिलंकुल ही नहीं सोचें। बाधाएं तो सफलता के मार्ग का अपरिहार्य हिस्सा है।

एक-दूसरे का साथ लें और अच्छी तरह से योजना बना कर अपने काम को पूरा करने में लग जायें। बिना आलस्य किए दिन-रात अपनी पूरी क्षमता से कार्य को करते रहें। सफलता पाने का बस यही एक मात्र विकल्प है।